देहरादून: 155 अवैध दुकान ढहाने पहुंची टीम, व्यापारी हुए बेकाबू, मच गया कोहराम

शुक्रवार को प्रेमनगर में अवैध दुकान ढहाने के दौरान हंगामा मच गया। अतिक्रमण ढहाने गई टीम भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए दुकानदार धरने पर बैठ गए। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। वहीं पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए पोकलैंड मशीन की मदद ली गई। 15 मिनट की कार्रवाई में प्रेमनगर का अतिक्रमण मलबे में तब्‍दील हो गया।

प्रेमनगर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए शुक्रवार को ‘महाअभियान’ चलाया गया। सुबह करीब सात बजे यहां बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ शुरू हो गई। जिसके विरोध में व्यवसायी धरने पर बैठ गए। उन्होंने पक्षपात का आरोप लगाया। कहा कि पहले अवैध अतिक्रमण हटाओ, फिर हम खुद अपनी दुकानें तोड़ेंगे।अगर हमारी दुकानें अवैध हैं तो नक्शा पास क्यों किया गया? प्रशासन ने अवैध काम क्यों किया? व्यापारियों ने अधिकारियों को बुलाने की बात भी कही। इस दौरान एक व्यापारी ने आत्मदाह की धमकी भी दे डाली। लेकिन उसके बाद वह खुद ही अपना शो रूम तोड़ने में लग गया। इस दौरान निशान से ज्‍यादा हिस्‍सा तोड़ने पर व्‍यापारियों ने एसडीएम से नोकझोंक भी की। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। पुलिस ने पहले उन्‍हें समझाने का प्रयास किया, न मानने पर पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भीड़ को वहां से हटाया गया।राजनीतिक मुद्दा बनने पर भाजपा के विधायक एकजुट होकर अतिक्रमण के विरोध में खड़े हो गए। इस बीच सरकार मलिन बस्तियों पर अध्यादेश तो लाई, लेकिन प्रेमनगर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की।

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शुक्रवार को प्रेमनगर बाजार पूरी तरह से जीरो जोन रहा। यहां से गुजरने वाले यातायात को विभिन्न वैकल्पिक मार्गों से होते हुए भेजा गया।उधर, प्रेमनगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान का विरोध कर चुके विधायक गणेश जोशी अब भी अपने पुराने रवैये पर अड़े हैं। वे बृहस्पतिवार को भी एडीएम के साथ प्रेमनगर गए और अपनी बात रखी। गणेश जोशी का कहना है कि यहां ज्यादातर लोग सरकार की ओर से दिए गए पट्टे पर बसे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार उन्हें कैसे उजाड़ सकती है। इसका कोई माकूल विकल्प तलाशना चाहिए।

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