देहरादून में खौफनाक घटना ,माँ बनी हैवान , बेटी की हत्या कर चार घंटे तक शव के किए टुकड़े

New facts in the investigation that came out in the prapti murder case

देहरादून में दिल दहलाने वाली खौफनाक घटना प्रकाश में आयी है। संपत्ति की खातिर सौतेली मां ने बेटी का न सिर्फ बेरहमी से कत्ल कर दिया, बल्कि खुखरी से शव के दो टुकड़े कर स्टोर में डाल दिए। इस घटना से इलाके में सनसनी फ़ैल गई है।संपत्ति की खातिर सौतेली मां ने बेटी का न सिर्फ बेरहमी से कत्ल कर दिया, बल्कि खुखरी से शव के दो टुकड़े कर स्टोर में डाल दिए। किसी को घटना का पता न चले, इसके वह रिश्तेदारों और उसके दोस्तों को इंटरव्यू के लिए दिल्ली जाना बताकर गुमराह करती रही। युवती के एक दोस्त और रिश्तेदारों ने खोजबीन की तो घटना खुली। इसके बाद मोबाइल की कॉल डिटेल ने सौतेली मां की करतूत सबके सामने ला दी।पुलिस ने  बीती शाम हत्यारोपी मां की निशानदेही पर बेटी का दो टुकड़ों में शव घर से ही बरामद कर लिया।

घटना खुड़बुड़ा मोहल्ले के अंसारी मार्ग की है। शहर कोतवाली के अंसारी रोड निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे स्वर्गीय इंद्रपाल सिंह की पोती प्राप्ति सिंह (24) अपनी सौतेली मीनू कौर के साथ रहती थी। सिंह के बेटे और प्राप्ति के पिता अजित सिंह की भी 2016 में मौत हो गई थी। अक्सर दोनों मां-बेटी में किसी ना किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था।यहां रहने वाली प्राप्ति सिंह (21) पुत्री स्व.अजीत सिंह शहर के एक इंस्टीट्यूट से एयरहोस्टेस का कोर्स कर रही थी। बुधवार सुबह प्राप्ति का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा। उसके नाते-रिश्तेदारों और दोस्तों ने जब उसकी सौतेली मां मीनू से मोबाइल बंद होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि प्राप्ति सुबह ही एक इंटरव्यू के लिए दिल्ली चली गई है, वह भी उससे बात करने के लिए परेशान है। बुधवार को दिन भर मोबाइल ऑन न होने पर रिश्तेदारों का उससे संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने और युवती के दोस्तों ने सौतेली मां पर दबाव डालना शुरू किया। लेकिन, वह गुमराह करती रही।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि रिश्तेदारों के अनुसार प्राप्ति अपनी संपत्ति की इकलौती वारिस थी। मीनू मकान को बेचने का दबाव बना रही थी, जिस पर वह राजी नहीं हो रही थी। वहीं मीनू का आरोप है कि प्राप्ति खुले विचारों थी। उसके कई दोस्त घर आते थे, जिस पर वह एतराज करती थी। पुलिस वारदात के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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प्राप्ति सिंह के कत्ल का खुलासा होने के बाद फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया गया। मौके से ही खून से सनी ईंट, खुखरी और खून से सना तकिया आदि सामान बरामद हो गया।हालांकि तीन दिन बीत जाने के कारण कमरे से पूरा तरह से खून साफ किया जा चुका था। पूछताछ में मां मीनू कौर ने सारे जुर्म कबूल लिए।सौतेली बेटी को जघन्य तरीके से मौत के घाट उतारने वाली मीनू कौर को किसी तरह का मलाल नहीं है। पुलिस हिरासत में वो यह कहने से नहीं चूकी कि जो हुआ ठीक हुआ। 18 साल से बाप-बेटी से बहुत टार्चर किया। किसी ने उसकी भावनाओं को नहीं समझा। उसका कोई वजूद नहीं था। पहले बाप ने नहीं सुनी, अब बेटी नहीं सुनती थी।उसने कहा कि हम इज्जतदार परिवार से हैं। बेटी आपे से बाहर हो रही थी। सारा दिन लड़कों के साथ घूमती थी। मेरी सुनती नहीं थी। बात बात पर झगड़ा करती थी। मेरी बात नहीं मानती थी। मेने कई बार उसे मना किया कि वह इतना न घूमें। घर में काम करे। लड़कों के साथ न जाए, लेकिन उसने नहीं सुना।जब वह नही मानी तो मैनें उसे मार डाला।

प्राप्ति की शादी होने वाली थी। लेकिन उसकी मां ने इससे पहले ही उसकी खुशियों को छिन लिया को लिया। उसके दो टुकड़े कर लाश को तीन दिन तक घर में ही छिपाए रखा। फिर सारे खून के निशान मिटा दिए।प्राप्ति सिंह की हत्या से उसके मंगेतर और जिम संचालक वरुण का रोते-रोते बुरा हाल था। दोनों ने जल्द शादी करने का सपना संजोया था। इस कारण वरुण का प्राप्ति सिंह के घर आना-जाना था।रोते हुए वरुण ने बताया कि प्राप्ति सिंह को आठ फरवरी को एक इंटरव्यू के लिए नजीबाबाद जाना था। दिल्ली जाने की कोई बात प्राप्ति से नहीं कही थी। सात फरवरी की सुबह प्राप्ति सिंह के मोबाइल पर फोन किया था, मगर वह रिसीव नहीं हुआ।कई एसएमएस देने के बाद भी जवाब नहीं मिला। इसी दिन तीसरे पहर अचानक प्राप्ति सिंह का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। तब से वह अपने साथियों के साथ प्राप्ति सिंह की तलाश में इधर से उधर भटक रहे है।मां मीनू कौर लगातार यही कहानी सुना रही थी कि वह उसे दिल्ली जाने वाली बस में बैठाकर आई है। मीनू कौर ने घटना को अंजाम देकर यही साबित किया है कि सौतेली मां तो सौतेली होती है। ऐसा कभी नहीं सोचा था।

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