दून मेडिकल कालेज सरकारी हास्पिटल की आपातकालिन सेवा आपात में !

दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय की आपातकालिन सेवा ही आपात में। समस्या यह है कि इस अस्पताल में पांच ईएमओ के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी चार ही चिकित्सक तैनात हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन दावा कर रहा है कि इमरजेंसी में किसी तरह की समस्या नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर जूनियर रेजिडेंज की इमरजेंसी ड्यूटी लगाई जाएगी।

अस्थाई राजधानी देहरादून के सबसे बड़े सरकारी हास्पिटल में एक जून से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हास्पिटल की इमरजेंसी का संचालन डा.नवनीत बेदी, डा.एचएस भाटिया, डा.नरेश और डा. मुकेश उपाध्याय करते हैं ।

बता दें कि डा.बेदी उप्र कैडर के हैं और उन्हें वहां के लिए रिलीव किया जाना हैं, डा. एचएस भाटिया ने अल्प मानदेय का हवाला देते हुये मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना को इस्तीफा सौपं दिया है। इस कारण हास्पिटल की इमरजेंसी में सिर्फ दो ईएमओ ही बचेंगे।

जबकि मरीजों की सुविधा के लिये पांच पी.एम.एस. चिकित्सक और चार डाक्टर आपातकालीन सेवा में होने आवश्यक हैं। यानि कि पूरे नौ डाक्टरों का आपातकालीन विभाग में होना जरूरी है।

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