उत्तराखंड में भूकम्प के झटके ,रुद्रप्रयाग था केन्द्र

सावधान: देश के 29 इन शहरों में कभी भी आ सकता है भूकंप

­रुद्रप्रयाग। प्रदेश में भूकम्प के तेज झटके महसूस किये गए | भूकंप की त्रीवता रिक्तर पैमाने पर 5.5 मापी गई है | भूकम्प का केन्द्र देहरादून से 121 कीमी दूर पूर्व रुद्रप्रयाग में रात्रि 8:49 बजे का बताया जा रहा था | यह जानकारी EMSC के अनुसार प्राप्त हुई है |
उत्तराखंड के साथ साथ दिल्ली ncr ,हरियाणाऔर पंजाब में भी भूकम्प के झटके महसूस किये गए है | अभी तक किसी प्रकार की जान माल की हानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है |

लगातार भूगर्भीय हलचल में नज़र रखी जा रही है |भूकंप का सेंटर रुद्रप्रयाग में। बसुकेदार तहसील।के तोलियो गाव है केंद्र। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट। डीएम और एसपी आपदा कंट्रोल ले रहे स्तिथी का जायजा |। बसुकेदार छेत्र के कई कुछ मकानो पर पड़ी दरार। जानमाल की कोई खबर नहीं। प्रशसन और पुलिस पूरी तरह मुस्तेद है |

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं जो लगातार घूम रही हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

भारत के आसपास भूकंप की क्या है वजह?
– हिमालयन बेल्ट की फॉल्ट लाइन के कारण एशियाई इलाके में ज्यादा भूकंप आते हैं। इसी बेल्ट में हिंदूकुश रीजन भी आता है। 2015 के अप्रैल-मई में नेपाल में आए भूकंप के कारण करीब 8 हजार लोगों की मौत हुई थी।

हिमालय कुछ सेंटीमीटर की दर से उत्तर में खिसक रहा है
हिमालयन फॉल्ट लाइन पर भारत सरकार की मदद से अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक स्टडी की थी। यह स्टडी यूएस जर्नल लिथोस्फीयर और जेजीआर में छपी थी। इस स्टडी को लीड कर चुके

जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के सी.पी. राजेंद्रन के मुताबिक, हिमालय 700 साल पुरानी फॉल्ट लाइन पर मौजूद है। यह फॉल्ट लाइन ऐसे मुहाने पर पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से कभी भी वहां ऐसा भूकंप आ सकता है जो पिछले 500 साल में नहीं देखा गया हो।

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