दून में शिक्षा हुई महंगी, चुकाना होगी ज्यादा फीस

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अब घर बैठे फ्री में कर सकेंगे हाई सेकेंडरी तक की पढ़ाई
फाइल फोटो

देहरादून। दून अपने उच्च शैक्षणिक स्तर वाली शिक्षण संस्थाओं के लिये विख्यात है। देहरादून में भारतीय प्रशासनिक सेवा और सैनिक सेवाओं के प्रशिक्षण संस्थान हैं जो इसे शिक्षा के क्षेत्र में विशेष स्थान दिलाते हैं। इसके अतिरिक्त यहां कई प्रतिष्ठित संस्थान हैं। इन्हीं कारणों से देश भर के युवा यहां शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। देश में एजूकेशन हब के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले देहरादून में अब पढाई महंगी होने वाली है। जी हां।  उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने अधिकांश पाठ्यक्रमों के लिए अपनी फीस बढ़ा दी है।

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फीस हुई महंगी, संशोधित शुल्क की सूची जारी

विश्वविद्यालय ने सात साल बाद शुल्क रिवाइज कर दिया है। नया सत्र शुरू होने से पहले विवि ने इसे लागू कर दिया है।विवि के वित्त नियंत्रक जयपाल सिंह तोमर ने संशोधित शुल्क की सूची जारी कर दी है। विवि में पीएचडी, एमफार्मा, एमटेक जैसे कोर्स की फीस तकरीबन दोगुनी हो गई है।कॉलेजों के लिए कोर्स एफिलिएशन की फीस भी रिवाइज कर दी गई है। बीटेक में दाखिलों के लिए होने वाले जेईई मेन की काउंसिलिंग का शुल्क, यूजी और पीजी की एग्जाम फीस, बैक पेपर फीस, स्पेशल बैक एग्जाम फीस, आंसर शीट फोटोकॉपी से लेकर डिग्री, फीस भी महंगी हो गई है।

कॉलेजों को भी करना होगा शुल्क ढांचे का अनुपालन

पहली बार विश्वविद्यालय ने पीएचडी में थिसिस की फीस भी लेनी शुरू की है। पीएचडी थिसिस जमा कराने पर 20 हजार रुपये शुल्क देना होगा। वित्त नियंत्रक जयपाल सिंह तोमर के मुताबिक सभी छात्र इसी चार्ट के हिसाब से शुल्क अदा करेंगे जबकि कॉलेजों को भी शुल्क ढांचे का अनुपालन करना होगा। गौरतलब है कि इससे पहले विवि ने सत्र 2009-10 में शुल्क रिवाइज किया था। यूटीयू ने दस नवंबर 2016 को हुई वित्त समिति की बैठक के अनुक्रम में यह शुल्क लागू किए हैं। फीस बढ़ने से बच्चों को शिक्षा के लिए ज्यादा खर्च वहन करना होगा।

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