उत्तराखंड में इस दिन होंगे निकाय चुनाव , राज्य निर्माण के बाद पहली बार दो चरणों में होंगे चुनाव

Elections will be held in Uttarakhand on this day

हाईकोर्ट की डबल बेंच से निकाय चुनाव को लेकर राहत मिलने के बाद अब राज्य में निकाय चुनाव के लिए आयोग और सरकार एक साथ हो गए है। सरकार अब राज्य में जल्द से जल्द चुनाव करना चाहती है ,वहीं राज्य निर्वाचन आयुक्त सुब‌र्द्धन का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है। जिससे राज्य में जल्द चुनाव कर और जरूरी हो गया है। अब प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के मध्य हुई बैठक में चुनाव को लेकर सहमति बन गई। बताया जा यह है की 27 मई तक चुनाव का संभावित कार्यक्रम आयोग को सौंप दिया जाएगा। इसके एक माह के भीतर ही निकाय चुनाव करा दिए जाएंगे। यह अनुमान लगाया जा रहा है की उत्तराखंड में अगले 35  दिन के भीतर निकाय चुनाव होना तय है।

35 दिन के भीतर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी

आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने कोर्ट को बताया कि परिसीमन व आरक्षण की अधिसूचना जारी होने के 35 दिन के भीतर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मतलब चुनाव जून में ही होंगे। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया।आयोग ने राज्य सरकार को जल्द चुनाव कराने के लिए निर्देशित करने को याचिका दायर की थी। उधर, निकायों के आरक्षण को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई 30 मई को होगी। वहीं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार निकाय चुनाव को लेकर सरकार की ओर से तैयारी पूरी है। अदालत अगर कहती है तो हम एक माह में चुनाव करा देंगे। बता दे की समय पर चुनाव न हो पाने पर सरकार ने चार मई को राज्य के सभी 92 नगर निकायों को प्रशासकों के हवाले कर दिया था।

दो चरणों में होंगे चुनाव

आपको बता दे की हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निकाय चुनाव की राह भले ही खुल गई है, लेकिन अभी सभी निकायों में चुनाव नहीं कराए जाएंगे। सरकार ने 92 नगर निकायों में ही चुनाव कराने का निर्णय लिया है। आठ नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रहेंगे।हालांकि इनमें से तीन निकायों में चुनाव होते ही नहीं हैं। इन स्थितियों के बीच, नगर निगम रुड़की, नगर पालिका श्रीनगर और बाजपुर में चुनाव के लिए इंतजार करना पडे़गा। यहां दूसरे चरण में चुनाव कराए जाएंगे। सरकार के पास एक विकल्प ये भी था कि वह कम से कम श्रीनगर और बाजपुर को भी चुनाव प्रक्रिया में शामिल करने के लिए कुछ समय इंतजार करती। मगर जल्द चुनाव कराने की तैयारी में जुटी सरकार ने ऐसा करना अभी सही नहीं समझा है।बता दे की राज्य निर्माण के बाद ये पहला मौका होगा, जबकि इतनी संख्या में नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।

यह भी पढ़े :उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर हार्इ कोर्ट का बड़ा फैसला, पढ़े पूरी खबर

सुब‌र्द्धन को मिल सकता एक्सटेंशन 

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुब‌र्द्धन का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है। माना जा रहा है कि इससे पहले निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने की स्थिति में सुब‌र्द्धन को एक्सटेंशन मिल सकता है। यानी, निकाय चुनाव उन्हीं के कार्यकाल में होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *