ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार

employment in women in rural areas will get employment

 देहरादून : भारती इण्टरप्राईजेज की अध्यक्षा भारती व्यास ने गांव की महिलाओं को रोजगार दिलाने व उद्यमी महिला बनने के लिए प्रेरित कर रही है।सोमवार को देहरादून के शुभंम होटल में प्रैस वार्ता के दौरान भारती व्यास ने बताया कि टिहरी गांव की महिलाऐं उनके साथ जुड़कर रोजगार करना चाहती हैं। उन्हांेने कहा कि गांव की ये महिलाऐं अपने खेतों में वे उत्पाद पैदा करें, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा। टिहरी जिला ग्राम कैसोली मल्ली तहसील जाखणी से आई लगभग 10 महिलाओं ने भारती व्यास को अपनी जमीनें दी है जिसमें वे पहाड़ी उत्पादों को पैदा कर महिलाओं को रोजगार मिलेगा। भारती व्यास ने कहा कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में बहुल महिलाऐं रोजगार करना चाहती है लेकिन उन्हें कोई सहयोग नहीं करता है मैं चाहती हूं कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाऐं सामने आए, जिससें हम उनकी मदद कर सकें, ताकि ग्रामीण महिलाऐं एक उद्यमी महिला वे रूप में आगे बढ़ सके।

भारती व्यास एक महिला उद्यमी के रूप में काम कर रही है, पेशे से वे शिक्षिका रही, एक चिंगारी सी मन में पहाड़ों की महिलाओं के प्रति उनकी दयनीय स्थिति से भारती व्यास के दिल में एक चुभन सी थी उन्होंने बीड़ा उठाया कि वे खुद को उद्यमिता को समर्पित कर बहुल सारी महिलाओं व लड़कियों को जोड़कर पहाड़ी उत्पादों से अचार, चटनी व्हेफर्स बनाए जिसे स्वाद का नाम दिया। इसमें उनका मार्ग दर्शन उनके पति श्री राजेन्द्र व्यास जी व उनकी माता आशा शर्मा ने किया जो कि स्वंय एक उद्यमी महिला है। भारती जी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की नातिन है विरासत में उन्हें अपने पिता से जो म्यूजिक से सेवार्निवित्त लेक्चरार है, सच्चाई मिली। भारती जी ने सच्चाई, सफाई, शुद्वता को मिश्रण कर स्वाद में खादय पदार्थों की अच्छी खासी श्रंखला बनाई। वे पहाड़ी किसान महिलाओं को उद्यमी के रूप में लाने के लिए भरपूर प्रयास कर रही हैं। वे सरकार से भी इसकी मदद की उम्मीद रखती हैं क्योंकि विगत सात वर्षों से वे केवल अपने बल पर कार्य कर रही हैं। उत्तराखण्ड की इस बेटी का प्रयास सराहनीय है।

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भारती व्यास ने अपनी संस्था का नाम भारती इण्टरप्राइजेज रखकर इस संस्था में बनने वाले उत्पादों का नाम “स्वाद” रखा है। उनकी संस्था में नींबू चटनी, लहसन चटनी, आम चटनी, आम अचार, हरी मिर्च का अचार, लाल मिर्च का अचार, लहसन का अचार, मिक्स अचार और केले व आलू के चिप्स साथ ही आलू का लच्छा बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि हमारे पास हरे धनिये के साथ आलू के चिप्स, खजूर की चटनी व आम का चूरना उपलब्ध है। इनकी सभी उत्पादों की कीमत मात्र 60 रूपये से लेकर 150 रूपये तक है। वे इन उत्पादों को उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों से लाती है जो कि पहाड़ों में ऐसे ही बर्बाद हो जाता है। उन्हांेने बताया कि हमारे उत्पादों में मूख्य रूप से नींबू की चटनी आस्ट्रेलिया, दुबई आदि विदेशों में भी जाती हैै।

भारती ब्यास ने कहा कि हम इस संस्था में महिलाओं को ट्रेनिंग भी देते हैं कि किस तरह से ये उत्पाद तैयार किये जाते हैं अभी तक 2004 से हमारी संस्था में लगभग 200 महिलाओं ने ट्रेनिंग लेकर अपना रोजगार खोला है। यह संस्था एकता विहार सस्त्रधारा देहरादून में है।प्रैस वार्ता के दौरान मालती माला बलोदी, लक्ष्मी देवी, कृष्णा देवी, ऊषा देवी, नवीता देवी, शैला देवी, सुनीता देवी, उत्तराखण्ड आंदोलनकारी  मुन्नी खंण्डूरी, रिटार्यड व्हेलमस बायज की प्रधानाचार्या मंजुला देवेन्द्र, शिक्षिका मंजुला भट्टाचार्य, किरण, मनीषा, जोषिता, सिया यादव व प्रिया डोबाल मौजूद रहे।

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