विश्व भारती विश्वविद्यालय में पहला मौका जब दीक्षांत समारोह में 2 देशों के पीएम मौजूद

First time in Visva-Bharati University when PM of 2 countries are present at the convocation

रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने पहुंचे पीएम मोदी ने भाग लिया , यह पहला मौका था जब दो प्रधानमंत्री एक साथ ऐसे समारोह में शामिल हो रहे हैं। छात्रों को सफलता का मंत्र दिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को जो भी असुविधा हुई उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने असुविधा के लिए छात्रों से क्षमा मांगी।

बांग्ला में अपने संबोधन की शुरुआत करने के बाद उन्होंने कहा कि मैं चांसलर होने के नाते यहां हुई असुविधाओं के लिए क्षमा मांगता हूं। पीएम ने कहा कि जब वह आ रहे थे तो रास्ते में कुछ बच्चे इशारों में कह रहे थे कि यहां पीने का पानी भी नहीं है। मैं आप सबसे इसके लिए क्षमा मांगता हूं। इस कार्यक्रम के अलावा बांग्लादेश भवन के उद्घाटन के लिए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आई हैं। नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि, ”मैं शांति निकेतन आ रहा था तो बच्चे इशारे से बता रहे थे कि पीने का पानी तक नहीं है। इसके लिए क्षमा मांगता हूं कि विश्व भारती विश्वविद्यालय का चांसलर होने के नाते यहां आने में बहुत देर कर दी।””मुझे आज यह सौभाग्य मिला है कि इतने आचार्यों के बीच समय बिताने का मौका मिला। इस भूमि पर गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के कदम पड़े हैं। आज हम उनकी परंपरा को निभाने के लिए एकत्र हुए हैं। भारत में ऋषियों की परंपरा रही है।”

बांग्लादेश भवन का उद्घाटन
शेख हसीना और पीएम मोदी ने बांग्लादेश भवन का उद्घाटन किया। यह भवन भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। इसे 25 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। बंगाल सरकार ने बांग्लादेश भवन को एक म्यूजियम के तौर पर विकसित किया गया है।। इसमें बंगाल और बांग्लादेश के प्रति गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के योगदान से जुड़ी यादें संजोई गई हैं।साथ ही यहां भारत और इसके बाद पश्चिमी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) की आजादी से जुड़ी किताबों की एक लाइब्रेरी भी मौजूद है। पीएम और शेख हसीना ने द्विपक्षीय बैठक की। जानकारी के अनुसार बांग्लादेश के करीब 150 प्रतिनिधि दीक्षांत समारोह और बांग्लादेश भवन के उद्घाटन के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे हैं।
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झारखंड में 27 हजार करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा था कि वह शनिवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करेंगी, लेकिन तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे के मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीस्ता नदी पर चर्चा के लिए इस कार्यक्रम के दौरान कोई जगह नहीं है। दूसरी और पीएम मोदी दोपहर को हेलिकाॅप्टर से झारखंड के सिंदरी जाएंगे। यहां केंद्र और राज्य सरकार की करीब 27 हजार करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें उर्वरक, गैस, थर्मल पावर के जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मोदी देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्‍स) की नींव भी रखेंगे। पीएम मोदी जन औषधि‍ केंद्रों के जुड़े कार्यक्रम में जनसमुदाय को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद रांची एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल पर झारखंड के 19 पिछड़े जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक करेंगे। देर शाम एयरफोर्स के विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

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