उत्तराखंड में मातृभूमि के लिए अनोखा जज्बा, शहीद के घर जन्मा बेटा तो दादा ने गोद में उठाकर बोला ‘इसे भी सेना में भेजूंगा’

In Uttarakhand, the unique zeal for the motherland

उत्तराखंड में मातृभूमि के लिए अनोखा जज्बा है। यहां बच्चे के जन्म लेते ही परिजन उसे देशभूमी की रक्षा के लिए भेजने के सपने सजोने लगते है। यहां परिवारों में देश भूमी की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने के बाद भी परिजन दूसरी पिढ़ी को भी उसी राह पर गर्व से भेजते है। ऐसी ही प्रदेश को गौरांवित करने वाली घटना सामने आई है। जहां बेटे की शहादत के बाद दादा पोते के जन्म पर उसे गोद में उठाकर सेना में भेजेने का ज़ज्बा रखते है।

बता दें कि 7 अगस्त 2018 को ऋषिकेश स्थित गुमानीवाला के जांबाज राइफल मैन हमीर सिंह पोखरियाल जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकियों संग हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। जिस वक्त वह शहीद हुए थे, उनकी पत्नी गर्भवती थीं। अब उनकी पत्नी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। दादा ने पोते का नाम शौर्यवीर रखा है। और गर्व से पोते को गोद में उठाकर कहा कि वह पोते को भी सेना में भेजेंगे।दादा जयेंद्र पोखरियाल का कहना है कि वे अपने पोते को भी देश की रक्षा के लिए सेना में भेजेंगे। उनका कहना है शौर्यवीर के जन्म के बाद उनके घर में एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के रूप में  हमीर लौट आया है।

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गौरतलब है कि शहीद हमीर का परिवार मूल रूप से उत्तरकाशी का रहने वाला है। फिलहाल शहीद का परिवार ऋषिकेश के श्यामपुर में रह रहा है। हमीर पोखरियाल भारतीय सेना में 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। जिस वक्त वह शहीद हुए, वह बांदीपुरा में तैनात थे। 7 अगस्त की शाम को आतंकियों ने गुरेज सेक्टर में घुसपैठ कर दी थी। जिसमें हमीर पोखरियाल शहीद हो गए थे।

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