अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगाई रोक

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पूर्व ISI अफसर ने माना कुलभूषण को पाक में नहीं बल्कि ईरान में पकड़ा
फाइल फोटो

नई दिल्ली :  भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने रोक लगाई है।  कुलभूषण जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। जिसका भारत ने जबरदस्त विरोध किया और भारत सरकार ने इस मामले में पाक को सख्त हिदायत भी दी थी। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने भारत की ओर से यह कहे जाने के बाद कि नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद व्यवसाय कर रहे जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था, उन्हें मिली फांसी की सजा की सजा पर रोक लगा दी है।

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जाधव को सुनाई गई है मौत की सजा

पाकिस्तान के फिल्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा पिछले महीने जाधव को मौत की सजा सुनाई गई। इसे लेकर भारत ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी और सोच समझ कर की जाने वाली हत्या को अंजाम दिए जाने की स्थिति में द्विपक्षीय संबंधों में खटास और परिणाम भुगतने की चेतावनी पाकिस्तान को दी थी। भारत यह स्वीकार करता है कि जाधव ने नौसेना में सेवा दी है लेकिन इसे इनकार करता है कि अब उसका सरकार से कोई लेना-देना है। गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पाकिस्‍तान को आगाह करते हुए कहा था कि इस मसले में पाकिस्‍तान यदि नहीं मानता है, तो भारत आउट ऑफ द वे जाकर कदम उठाने में नहीं हिचकेगगा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी पाकिस्‍तान को हिदायत देते इस मामले को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट में जाने की हिदायत दी थी।

जासूसी के आरोप में सुनाई गई है सजा

बता दें कि जाधव को ईरान और पाकिस्तान की सीमा से तालिबान ने अगवा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को सौंप दिया था। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 11 अप्रैल को जासूसी का आरोप लगाकर जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखकर जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने को कहा है। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ भारत की यह बड़ी जीत है।

 

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