अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी का निधन , कला जगत में शोक की लहर

देश-दुनिया में उत्तराखंड की लोक संस्कृति को पहचान दिलाने वाले अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सुरेंद्र पाल जोशी (63) का बीते मंगलवार की रात निधन हो गया। बुधवार शाम पांच बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सुरेंद्रपाल जोशी का जन्म गुनियालगांव के मुनियारवाला में 1955 को हुआ था। स्व जोशी को कई राष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान प्राप्त मिलते रहे थे।

बता दे की जोशी लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे और इन दिनों जयपुर के इटरनल अस्पताल में भर्ती थे। जोशी के निधन की खबर मिलते पर सूबे में शोक की लहर दौड़ गई। मूलरूप से देहरादून के मनियारवाला (गुनियालगांव) निवासी सुरेंद्र पाल जोशी इन दिनों परिवार के साथ जयपुर (राजस्थान) में रह रहे थे। चित्रकार जोशी अपने अनूठे कला प्रयोगों के लिए जाने जाते थे। प्रदेश की पहली सरकारी आर्ट गैलरी के निर्माण का श्रेय जोशी को जाता है। जोशी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा। ऋषिकेश से बीए करने के बाद 1980 में लखनऊ के आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स कॉलेज में दाखिला लिया। वर्ष 1988 में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट जयपुर की फाइन आर्ट फैकल्टी में सहायक अध्यापक नियुक्त हो गए। इस दौरान वे आर्ट कंप्टीशन में लगातार प्रतिभाग करते रहे। जोशी को म्यूरल बनाने का शौक था, यही कारण था कि उन्होंने आईओसी दिल्ली, यूनी लिवर मुंबई, शिपिंग कॉरपोरेशन विशाखापट्टनम समेत तमाम स्थानों पर म्यूरल बनाए। सुरेन्द्र पाल जोशी के हज़ारों पेंटिग्स, कला के तमाम प्रयोग और उनकी खुद की गैलरी में घूमते हुए आपको उनके कई आयाम देखने को मिलेंगे। इसकी एक झलक 7 रंग आपके लिए लाया है।
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स्व जोशी को ललित कला अकादमी समेत राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। उत्तराखंड सरकार ने इनकी कलाकृतियों का संग्रहालय देहरादून में बनवाया है। वह जयपुर में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट में बतौर कला अध्यापक अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं। 1997 में उन्हें ब्रिटेन से फेलोशिप भी मिली। जानकार कहते हैं कि जोशी ने अपने को कभी चित्रकार माना ही नहीं। वो हर समय अपने को एक स्टूडेंट ही मानते थे। किसी नये बच्चे की पेटिंग भी वो बेहद ध्यान से देखते थे। उनका इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में बनाया गया न्यूरल बेहद खूबसूरत है। सुरेंद्रपाल जोशी के एक बेटा और एक बेटी है।

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रख्यात चित्रकार सुरेन्द्र पाल जोशी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में सांत्वना प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द ने स्व.जोशी के निधन को राज्य के कला जगत के लिये अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व.सुरेन्द्र पाल जोशी के मार्गदर्शन में घंटाघर स्थित हेमवन्ती नन्दन बहुगुणा काम्पलेक्स में उत्तरा समकालीन कला संग्रहालय की स्थापना की गई है। यह संग्रहालय उनकी स्मृतियों को सदैव संजोए रखेगा। ज्ञातव्य है कि स्व.जोशी की अस्वस्थता के दौरान उनके उपचार के लिये मुख्यमंत्री द्वारा 04 लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई थी।

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