अंतारा में राधिका चांद द्वारा बनाए गए भावनात्मक चित्रों की कला प्रदर्शनी का आयोजन

Organizing art exhibition of emotional paintings created by Radhika Chand in the Antara

अंतारा सीनियर लिविंग कलाकार राधिका चांद द्वारा बनाए गए चित्रों की एक कला प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है। भारत की प्रसिद्ध कलाकार अंजोली इला मेनन ने अंतारा देहरादून की द गैलरी में गुरूवार को कला प्रदर्शनी का उद्धाटन किया। आर्ट प्रदर्शनी देखने आये कई कला प्रेमियों ने राधिका के काम की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी देहरादूनवासियों के लिए 27 सितंबर से 31 अक्टूबर 2018तक खुली रहेगी, जहां प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक कला प्रदर्शनी का लुप्त उठाया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में, राधिका ने अपने काम से दुनियाभर के कला प्रशंसकों को आकर्षित किया है। वह अपनी सफर से लोगों को प्रेरणा हासिल करने में मदद करती हैं, जिसे वह अपने चित्रों के माध्यम से एक जीवंत और अमूर्त शैली में उद्धृत करती हैं। अंतारा में लगभग दस माह व्यतीत करने और प्रकृति की शांत गोद में काम करने के बाद, आखिरकार उन्होंने पहाड़ी शहर के लोगों को चित्रों का आनंद उठाने के लिए परिसर में आमंत्रित किया है।राधिका के काम से सम्मोहित अंतारा सीनियर लिविंग के एम.डी और सीईओ तारा सिंह ने कहा, “अंतारा में हम कला का जश्न मनाने, उसका समर्थन करने और उसकी प्रशंसा करने में विश्वास रखते हैं। राधिका जैसे कलाकार का साथ पाकर हम बहुत अभिभूत हैं, जिनकी सफर ने बहुत से लोगों को प्रेरित किया है, और उनके काम को प्रदर्शित करने और उनके सफर का एक हिस्सा बनने पर हम बहुत खुश हैं।”

पद्मश्री विजेता कलाकार अंजोली इला मेनन ने कहा, “चांद का काम भारतीय कलाकृति का बेहतरीन नमूना है। उनका काम पूरी तरह से अद्वितीय और वास्तविक है, जो पहले से मान्यता प्राप्त शैली से संबंधित नहीं है। इन जीवंत कल्पनाओं को स्वतंत्रता और जोश के साथ निष्पादित किया गया है, जो उनके कार्य की भावना में पोलक मछली की तरह दिखाई देता है। कुछ हद तक उनका काम ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के डॉट पेंटिंग्स की याद दिलाता है।”

पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित कलाकार कृष्ण खन्ना ने कहा, “इस तरह के प्रभावशाली कार्य में अंतर्निहित ऊर्जा अपने आप में उल्लेखनीय है।… पेंटिंग्स वास्तव में जुनूनी हैं और उनका दोहरा चरित्र मंत्र के जाप की तरह है।”अमेरिका के कला इतिहास प्रोफेसर डा. स्टीफन हिरशन ने कहा, “…जब मैं आपकी पेंटिंग्स को देखता हूं तो मेरा दिल नाच उठता है। दो स्विस पेंटर्स पॉल क्ली और हंडर वासर द्वारा इसे अपनाया गया है, जो आपकी सहजता और तरोताजा उत्साह को पाना चाहते हैं।”

राधिका चांद के बारे में-

राधिका दिल्ली, कोलकाता, हांगकांग और सिडनी समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रही हैं और अध्ययन किया है। उनकी यात्रा का प्रभाव उनके काम में बहुत झलकता है। उनका पहला एकल शो 1992 में दिल्ली में आयोजित किया गया था। तब से, उन्होंने अपने काम के कई एकल शो आयोजित किए और भारत एवं विदेशों में ग्रुप शो में भाग लिया। राधिका को 1997 में ‘यामागता फेलो’ चुना गया-वॉशिंगटन डीसी में कॉर्कोरन गैलरी में एक गहन कला कार्यशाला में भाग लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय जूरी द्वारा चुने गए 12 कलाकारों में से एक। वेरी स्पेशल आर्ट्स इंटरनेशनल ने उनके काम को वॉशिंगटन डीसी में अपनी गैलरी, न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय, जापान के नागानो में सांस्कृतिक पैरालाम्पियाड और टेनेसी, यूएसए में क्लार्कविले मोंटगोमेरी काउंटी म्यूजियम में प्रदर्शित किया है। उनके काम को कार्टराइट हॉल आर्ट गैलेरी, ब्रेडफोर्ड, इंग्लैंड के संग्रह में शामिल है और भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, फनिलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका के कई प्राइवेट म्यूजियम में इन्हें रखा गया है।

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