पुणे में कॉसमॉस बैंक मुख्यालय का एटीएम सर्वर डेटा हैक कर 94 करोड़ की लूट

Pune's Cosmos Bank headquarter hacked ATM server data worth 94 crores

देश के सबसे पुराने को-ऑपरेटिव बैंकों में से एक कॉसमॉस बैंक के एटीएम सर्वर को हैक कर हैकरों ने 94 करोड़ रुपये उड़ा लिए। हैकरों ने सर्वर हैक कर बैंक के रूपे और वीजा डेबिट कार्ड की डिटेल चुरा ली। बाद में इन डिटेल का इस्तेमाल कर विदेश में पैसों का हेर-फेर किया गया है। बैंक ने मंगलवार को चतुःश्रृंगी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है।

कॉसमॉस देश के पुराने कोऑपरेटिव बैंकों में से एक है। इसकी स्थापना 1906 में की गई थी। रिपोर्ट की मानें तो बीती 11 अगस्त की रात को बैंक का सर्वर हैक कर कई ग्राहकों के खातों से पैसे गायब कर दिए गए। उस दिन करीब 78 करोड़ रुपये की रकम अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए देश के बाहर भेजी गई थी। वहीं, ढाई करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन भारत में ही हुआ। इसके बाद 13 अगस्त को फिर सर्वर हैक किया गया और 14 करोड़ रुपये गायब कर दिए गए। इस बार स्विफ्ट ट्रांजेक्शन के जरिए पैसा हांगकांग स्थित एक बैंक में भेजा गया। हैंग सेंग नाम के इस बैंक में एएलएम ट्रेडिंग लिमिटेड के नाम से खाता है जिसमें चोरी की रकम डाली गई। इस कंपनी और पुणे के अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस खातों और खाताधारकों की जांच कर रही है। इस संबंध में बैंक आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगा।

एफआईआर के मुताबिक, बैंक के मुख्यालय के सर्वर को हैक कर वीसा और रूपे डेबिट कार्ड की जानकारी चुराकर विदेशों में तकरीबन 12 हजार बार ट्रांजैक्शन कर 78 करोड़ निकाल लिए. इसके अलावा भारत में भी 2849 बार ट्रांजेक्शन कर 2 करोड़ 50 लाख रुपए निकाले गए। कुल मिलाकर 94 करोड़ 42 लाख की साइबर चोरी हुई है. ये साइबर डकैती 11 अगस्त को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे के दौरान हुई है। लगभग 21 देशों से हैकर्स ने 76 करोड रुपए ट्रांजैक्शन किया गया। इस मामले में हॉन्गकॉन्ग की एक कंपनी और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। बता दें अब कॉसमॉस बैंक ने अपने सारे सर्वर, एटीएम, ऑनलाइन, मोबाइल बैंकिंग के ट्रांजैक्शन बंद कर दिए हैं।
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शनिवार को 2 घंटे 13 मिनट में 76 कोरोड का ट्राजिक्शन किया गया। साढ़े 13 करोड रुपए हॉन्गकॉन्ग में बैंक में डाले गए, 400-450 खातो से पैसे निकाल गए जिसके लिए वीजा इंटरनेशनल कार्ड का इस्तेमाल किया गया । कुल मिलाकर हैकर ने 21 देशों से पैसा निकाला। बता दें कि जिस तेजी से डिजिटल बैंक‍िंग का दायरा बढ़ रहा है, उसी तेजी से डिजिटल फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं। धोखाधड़ी करने वाले फ्रॉड करने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। इसमें मलवेयर के जरिये सिस्टम को हैक करने समेत क्लोनिंग भी शामिल है। घटना से कई सवालियां निशान भी खड़े हो गए है। क्या बैंकों में भी आपका पैसे सुरक्षित है।

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