देहरादून : 7 साल के बच्चे से कुकर्म , अपराध छुपाने के लिए आरोपी ने की बच्चे की दर्दनाक हत्या

Rap and Murder with a 7-year-old child in Dehradun

सात साल के बच्चे से कुकर्म करने वाले युवक को अदालत ने सजा तो सुना दी, लेकिन उसकी कहानी ने सबको झकझोर कर रख दिया। देहरादून के डोईवाला का एक ऐसा मामला प्रकाश में आया जिसे सुन सबके दिल दहल गए। समाज में बच्चे महफूज़ नहीं है। बच्चों की मस्सोमियत और ज़िन्दगी को तबाह किया जा रहा है चाहे वो लड़का हो या लड़की दिल दहलाने वाली घटनाएं प्रकाश में आ रही है जो बड़ी चिंता का विषय है।

कुकर्म कर हत्या करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रमा पांडेय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड में से 50 हजार की धनराशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए। वहीं, पीड़ित परिवार को 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में भी दिए जाएंगे।शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी ने बताया कि डोईवाला क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 23 अगस्त 2013 को थाना डोईवाला में अपने सात वर्षीय बालक की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन बालक का शव मारुति एस्टीम कार नंबर यूए 07 ए 9406 की पिछली सीट से बरामद हुआ। यह कार डोईवाला निवासी अमित कौशल की थी। जांच में बालक के साथ कुकर्म कर हत्या की पुष्टि हुई थी। अभियोजन की ओर से न्यायालय में सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए, जिसमें चार गवाहों को अभियोजन से पक्षद्रोही घोषित किया। बचाव पक्ष ने एक गवाह के बयान कराए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपी अमित कौशल ने ही पड़ोस में रहने वाले नाबालिग पीड़ित के साथ जबरन कुकर्म किया और अपना कुकृत्य छिपाने के लिए बालक की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के इरादे से उसने उसे अपनी गाड़ी में रखा था। हालांकि वह शव ठिकाने लगाता, उससे पहले ही पकड़ा गया।

यह भी पढ़े:मासूम से रेप पर सजा-ए-मौत! पॉक्‍सो एक्‍ट में बदलाव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

कोर्ट ने आरोपी अमित को आईपीसी की धारा 377/302/201 और पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी करार दिया। बचाव पक्ष ने दोषी के 30 वर्षीय नवयुवक होने का हवाला देते हुए सजा में रियायत की गुहार लगाई। हालांकि कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने आरोपी के विरुद्ध हत्या के अपराध में आजीवन कारावास व 50 हजार अर्थदंड, धारा छह पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार अर्थदंड और धारा 377 (अप्राकृतिक दुष्कर्म) में सात वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा धारा 201 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा की 50 हजार अर्थदंड में से 30 हजार और 30 हजार अर्थदंड में से 20 हजार मुआवजा इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 357 के तहत पीड़ित परिवार को ‘उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना वर्ष 2013’ के तहत 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी देने के निर्देश दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *