ISRO का आकाशीय शतक , एक साथ लांच 31 सेटेलाइट

The celestial century of ISRO,Simultaneous launch 31 satellites

नई दिल्ली। भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में अपना शतक पूरा कर लिया है। इसरो ने आज पीएसएलवी के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को लॉन्च किया है। इस शतक की शुरुवात इसरो ने एक बैलगाड़ी से की थी। आज इसरो ने रूस जैसे कई देशों को पीछे छोड़ दिया है।
इससे पहले इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट्स को लांच करके नया इतिहास रचा था। अंतरिक्ष के इतिहास में इससे पहले एक साथ इतने उपग्रह नहीं छोड़े गए थे। इसरो का अपना रिकॉर्ड एक अभियान में 20 उपग्रहों को प्रक्षेपित करने का है। इसरो ने 2016 में ये कारनामा कर रूस को भी पीछे कर दिया था।

आज सुबह श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV C-40 के जरिए 31 उपग्रह एक साथ लॉन्च किए गए। इसी के साथ अंतरिक्ष में भारत की शतक पूरा हो गया है। यह इसरो का 42वां और साल 2018 का पहला मिशन है।

आपको बता दे की PSLV C-40 ने मौसम विज्ञान संबंधी कार्टोसेट-2 सीरीज का सेटेलाइट और अन्य 30 को लेकर आज सुबह 9.28 बजे उड़ान भरी। इस मिशन से संबंधित समिति की मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए गुरुवार सुबह 5.29 बजे उलटी गिनती शुरू की गई थी। 30 अन्य सेटेलाइट में भारत का एक माइक्रो और एक नैनो सेटेलाइट है। जबकि छह अन्य देशों के तीन माइक्रो और 25 नैनो सेटेलाइट हैं। इसमें कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिक शामिल है।

इसरो की टीम को सफल प्रक्षेपण के लिए दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की टीम को अपने 100वें उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज पीएसएलवी के सफल प्रक्षेपण पर इसरो और उसके वैज्ञानिकों की मैं हृदय से प्रशंसा करता हूं। नए साल में यह सफलता हमारे नागरिकों, किसानों, मछुआरों आदि को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की तेजी से बढ़ोतरी का लाभ पहुंचाएगी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इसरो को बधाई देते हुए कहा, ‘ भारत के 100वें उपग्रह कार्टोसैट-2, दो सह-यात्री उपग्रहों और छह अनुकूल राष्ट्रों के 28 उपग्रहों का प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। इसरो की टीम को बधाई।’

PSLV C-४० की खासियत
30 सेटेलाइट का कुल वजन 613 किलोग्राम है, जबकि सभी 31 सेटेलाइट का कुल वजन 1,323 किलोग्राम है। सेटेलाइट लॉन्च का पूरा कार्यक्रम दो घंटे और 21 सेकेंड तक चलने की उम्मीद है। इस मिशन से पहले इसरो ने पिछले साल आइआरएनएसएस-1एच नेविगेशन सेटेलाइट को लॉन्च किया था

  • PSLV C-40 का कुल 31 उपग्रह के साथ सफलतापूर्वक लॉन्च।
  • PSLV C-40 भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के उपग्रह के अलावा 30 दूसरी सैटलाइट अंतरिक्ष में करेगा प्रक्षेपित।
  • इसमें भारतीय माइक्रो उपग्रह और एक नैनो उपग्रह के अलावा 28 विदेशी उपग्रह शामिल हैं।
  • इनमें 19 अमेरिका, 5 दक्षिण कोरिया, एक-एक कनाडा, फ्रांस, बिट्रेन और फिनलैंड के उपग्रह शामिल हैं।
  • कार्टोसैट 2 का वजन 710 किलोग्राम है, जो इस मिशन का प्राथमिक उपग्रह है।
  • कार्टोसैट 2 को ‘आई इन द स्काई’ भी कहा जा रहा है, जो कि एक बड़े कैमरे की तरह है।
  • कार्टोसैट-2 उपग्रह एक बड़े कैमरे की तरह है।
  • इसमें मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरे भी लगे हैं।
  • इसे ‘आई इन द स्काई’ यानी आसमानी आंख भी कह सकते हैं।
  • यह एक अर्थ इमेजिंग उपग्रह है। सीमा पर नजर रखने के लिए कार्टोसैट-2 इसरो की मदद करेगा।
  • इससे उच्च क्वालिटी की तस्वीर मिलेगी। सटीक मैप बनाने में भी यह उपयोगी होगी।

भारत में इसरो की यात्रा अंतरिक्ष कार्यक्रमों के जनक माने जाने वाले डॉ विक्रम ए साराभाई की सूझबूझ से शुरू हुई.टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में उसका जन्म हुआ और वहां से शुरू होकर अंतरिक्ष कार्यक्रम बना, फिर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन बना था।

 

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