मुंबई :उत्तराखण्ड महोत्सव ‘कौथीग’ में दिखा पहाड़ो के पलायन का दर्द

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को रामलीला मैदान नेरूल नवी मुम्बई में उत्तराखण्ड महोत्सव ‘कौथीग’ में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तराखण्ड वासियों से प्रदेश के विकास में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन, तीर्थाटन एवं सांस्कृतिक क्षेत्र को किस तरह से और विकसित किया जा सकता है, इसके लिए सबके सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारत की आर्थिक राजधानी में उत्तराखण्ड की संस्कृति और परम्परा पर आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम से प्रदेश की संस्कृति का राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक प्रचार-प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि  महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तराखण्ड मूल के लोगों द्वारा आयोजित इस ‘कौथीग’ में उत्तराखण्ड की संस्कृति, कला, संगीत, नृत्य, खान-पान और पहाड़ों से जुड़ी हर परम्परा का समावेश इसमें किया गया है। यह एक ऐसा आयोजन है जिसमें उत्तराखण्ड मूल के सभी शिक्षाविद्, उद्योगपति, समाजसेवी, राजनीति, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग इसमें शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘गांवो को संवारने’ की थीम पर ये कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मुम्बई में रहने वाले उत्तराखण्ड वासियों से यह अपील करना है वे पहाड़ की सुध लें, अपने गांवों को आबाद रखने में सहयोग करें एवं पलायन को रोककर राज्य के विकास में भागीदार बनें।

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मुंबई स्थित उत्तराखण्ड सदन में प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं उत्तराखंड की मूल समस्याओं पर संवाद किया। संवाद के दौरान राज्य के विकास के लिए कैसे योगदान दिया जा सकता है, प्रभावशाली लोग उत्तराखंड में कैसे निवेश कर सकते हैं? हमारी आर्थिक तरक्की में किस तरह भागीदार बन सकते हैं, हमारी संस्कृति को किस तरह आगे बढ़ा सकते हैं विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस तरह के संवाद बहुत व्यापक प्रभाव डालते हैं। विगत वर्ष नवंबर महीने में आयोजित रैबार कार्यक्रम में देश के शीर्ष पदो पर विराजमान उत्त्राखण्ड की प्रतिभाओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें राज्य के विभिन्न विषयों पर उनके अमूल्य सुझाव प्राप्त हुए और उन पर काम किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि अगर कोई इनवेस्टर या पूंजीपति बिजनेस के सिलसिले में उत्तराखंड आना चाहता है तो हवाई मार्ग से भी आ सकता है, हाल ही में केंद्र सरकार सेे उड़ान योजना के तहत उत्तराखंड में 26 मार्गों पर हवाई सेवा को मंजूरी मिल गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वो न केवल हमारी सांस्कृतिक सभ्यता के वाहक हैं बल्कि स्टेट एसेट की तरह हैं। इसलिए हम उनके कल्याण के लिए भी लगातार सोचते हैं। प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को राज्य सरकार की विभिन्न  योजनाओं से जोड़ने के लिए अभियान के रूप में कार्य किया जायेगा। उन्होंने प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को साल में एक बार अपने गांव आने के लिए प्रेरित किया।   मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी का प्रदेश के विकास में सहयोग एवं सुझाव अति आवश्यक है। सरकार हर कदम मे आपके साथ है।

 

 

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