महिलाओं के लिए उनका घर है सबसे खतरनाक जगह ,हर घंटे में 6 महिलाओं की परिचित के हाथों होती है मौत

Their house is the most dangerous place for women

इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेस्ट वीमेन के मौके पर संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और क्राइम विभाग (यूएनओडीसी) ने एक  रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक दुनिया भर में महिलाओं के लिये सबसे खतरनाक जगह उनका घर बन गया है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है कि भारत में दहेज रोकथाम के लिये कानून होने के बावजूद महिला हत्याओं के मामले बड़ी संख्या में दहेज हत्या से जुड़े हैं।

हर घंटे करीब छह महिलाएं परिचित के हाथों है मारी जाती

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है पूरी दुनिया में पिछले साल जितनी महिलाओं की हत्या हुई, उनमें आधे से ज्यादा मामलों में गुनहगार उनके पार्टनर या परिवार के सदस्य ही थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर एक घंटे में छह महिलाओं की उनके ही करीबी हत्या कर देते हैं। 2017 में हर दिन 137 महिलाओं की उनके परिवार के सदस्यों ने ही हत्या कर दी। जिससे महिलाओं के लिए उनका घर ही सबसे खतरनाक जगह बन गया है।संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और क्राइम विभाग (यूएनओडीसी) की ओर से प्रकाशित नये अनुसंधान के अनुसार पिछले साल दुनिया भर में करीब 87,000 महिलाएं मारी गयीं और इनमें करीब 50,000 या 58 प्रतिशत की मौत उनके करीबी साथी या परिवार के सदस्यों के हाथों हुई। इसके अनुसार हर घंटे करीब छह महिलाएं परिचित के हाथों मारी जाती हैं।

जीवन में कम से कम एक बार करना पड़ता है शारीरिक हिंसा का सामना

1995 से 2013 के आंकड़े के अनुसार भारत में वर्ष 2016 में महिला हत्या दर 2.8 प्रतिशत थी जो केन्या (2.6 प्रतिशत), तंजानिया (2.5 प्रतिशत), अजरबैजान (1.8 प्रतिशत), जॉर्डन (0.8 प्रतिशत) और तजाकिस्तान (0.4 प्रतिशत) से अधिक है। इसके अलावा भारत में 15 से 49 वर्ष उम्र की 33.5 प्रतिशत महिलाओं और लड़कियों ने तथा पिछले एक साल में 18.9 प्रतिशत महिलाओं ने अपने जीवन में कम से कम एक बार शारीरिक हिंसा का सामना किया। भारत में दहेज से संबंधित मौत के मामले हमेशा से चिंता का विषय बने हुए हैं। अध्ययन में कहा गया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो से प्राप्त आंकड़े से यह पता चलता है कि दहेज से संबंधित हत्या के मामले महिलाओं की हत्या के सभी मामलों के 40 से 50 प्रतिशत हैं और इसमें 1999 से 2016 के दौरान एक स्थिर प्रवृत्ति देखी गयी है।

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बता दें कि हर साल 25 नवंबर को इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेस्ट विमेन मनाया जाता है। महिलाओं के साथ अपराधों के प्रति जागरूकता लाने के लिए दिसंबर 1999 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसका ऐलान किया गया था। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ होने वाले इन अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस और न्याय प्रणाली के साथ-साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं के बीच तालमेल होना चाहिए। महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी जरूरी है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा और अन्य तरीकों से पुरुषों को भी इस समस्या के निराकरण में शामिल करना चाहिए।

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