यह मंत्र बोलकर तोड़े तुलसी पत्र, घर में बनी रहे कृपा

नई दिल्ली। हिन्दू धर्म के लोग अतीत से ही तुलसी के पौधे की पूज करते आ रहे हैं। तुलसी के पौधे को पवित्र पौधा माना जाता है और श्रद्धा भाव से इस का उपयोग पूजा-पाठ में किया जाता है। वहीं तुलसी के पौधे में कई औषधि गुण

नई दिल्ली। हिन्दू धर्म के लोग अतीत से ही तुलसी के पौधे की पूज करते आ रहे हैं। तुलसी के पौधे को पवित्र पौधा माना जाता है और श्रद्धा भाव से इस का उपयोग पूजा-पाठ में किया जाता है। वहीं तुलसी के पौधे में कई औषधि गुण पाए जाते हैं। शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है, इस कारण घर में तुलसी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी स्वरूप माना गया है, इस कारण घर में तुलसी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अकारण ही नहीं तोड़ना चाहिए तुलसी पत्र 

अमावस्या, चैादस तिथि को तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए। रविवार, शुक्रवार और सप्तमी तिथि को भी तुलसी को तोड़ना शापित माना जाता है। तुलसी से पत्र तोड़ते समय देवी तुलसी से पत्र तोड़ने की इजाजत लेनी चाहिए। अकारण ही तुलसी पत्र नहीं तोड़ना चाहिए। झड़कर नीचे गिरे हुए तुलसी पत्र का पूजन व दवा आदि कार्यों में उपयोग करना उत्तम होता है।

 तुलसी पत्र तोड़ने के संबंध में वायु पुराण में कहा गया है
अस्नात्वा तुलसीं छित्वा यः पूजा कुरुते नरः।
सोऽपराधी भवेत् सत्यं तत् सर्वनिष्फलं भवेत्।।
अर्थात् बिना स्नान किए तुलसी को तोड़कर जो मनुष्य पूजा करता है। वह अपराधी माना जाता है औरल उसकी की हुई पूजा निष्फल जाती है।

तुलसी के पत्ते तोड़ते समय मंत्र
मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी
नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।

 

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