उत्तराखंडः तीन साल की मासूम बच्ची को अवारा कुत्तों के झुंड ने बनाया शिकार, हालात गंभीर

प्रदेश में गुलदार, भालू , बंदर के बाद अब अवारा कुत्ते भी कहर मचा रहे है और शासन इसकी अनदेखी कर रहा है। ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत  से सामने आया है। यहां अवारा कुत्तों के झुंड ने तीन साल की मासूम को अपना शिकार बना लिया।  अचानक हिंसक हुए कुत्तों ने बच्ची की गर्दन, पैर और हाथ को बुरी तरह जख्मी कर डाला। जिसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने बड़ी मुश्किल से बच्ची को कुत्तों के चुंगल से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया जहां बच्ची की हालात नाजुक देखते हुए उसे हल्द्वानी रेफर किया गया है। बच्ची जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

दरअसल,अल्मोड़ा के विकासखंड के मल्ला विशुवा निवासी राजेंद्र प्रसाद आर्य की पत्नी अपने बड़े बेटे को दोपहर के समय स्कूल से लाने के लिए निकली। इसी दौरान उसकी तीन वर्षीय बेटी ललिता (लब्बू) भी मां के पीछे-पीछे दौड़ पड़ी। इसी दौरान प्राइमरी स्कूल गनियाद्योली के पास आठ दस आवारा कुत्तों ने एक साथ बच्ची को घेरते हुए झपट लिया। कुत्ते इस कदर आक्रामक हो गए कि बच्ची की गर्दन को जबड़े में दबोच गहरे दांत लगा दिए। किसी तरह आवारा कुत्तों के चंगुल से मासूम बच्ची को छुड़ाया। खून से लथपथ बालिका को तत्काल गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां ड़ॉक्टरों ने बच्ची की हालात नाजुक देखते हुए उसे  हायर सेंटर रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि बच्ची की गर्दन पर ज्यादा घाव हैं। बच्ची के परिजनों का बूरा हाल है। मां बेसुध है।

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वहीं ग्रामवासियों ने बताया कि क्षेत्र में अवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है।कुछ दिन पर ही आवारा कुत्तों ने एक गाय को मार डाला था। उन्होंने कुत्तों को आवारा न छोड़ने का आहवान करते हुए सड़क, स्कूल व बाजार क्षेत्र में घूमने वाले कुत्तों को जनहित में पकड़ कर दूर छोड़े जाने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन अवारा कुत्तों की अनदेखी कर रहा है और कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रहा है।

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