उत्तराखंड : गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी सानंद का निधन

उत्तराखंड : गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी सानंद का निधन

प्रदेश में दुःख भरी खबर प्रकाश में आई है।गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का आज दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया।

दरअसल प्रो. जीडी अग्सानंद गंगा रक्षा के लिए 22 जून से तप कर रहे थे। उनकी मांग थी कि गंगा पर बन रही विद्युत परियोजनाओं को निरस्त किया जाए और नर्इ परियोजना नहीं बनाने समेत साल 2012 में तैयार किए ड्राफ्ट पर संसद में गंगा एक्ट लाया जाए। मांग पूरी न होने तक सानंद ने अन्न का त्याग कर दिया, जिसके बाद से वो जल, नमक, नींबू और शहद ले रहे थे।सानंद ने नौ अक्‍टूबर से जल का भी त्याग कर दिया था। इसे देखते हुए बुधवार को प्रशासन ने उन्हें जबरन ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। जहां उन्होंने गुरुवार दोपहर अंतिम सांस ली। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने इस बात की पुष्टि की है। बता दे की इससे पूर्व भी उन्हें एक सप्ताह के लिए एम्स में भर्ती कराया जा चुका था। प्रशासन व चिकित्सकों की टीम उन्हें एंबुलेंस से एम्स ले गई थी। इससे पहले प्रशासन ने आश्रम व आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
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गौरतलब है की सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार को उन्होंने जल भी त्याग दिया था। बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे पुलिस बल मातृसदन पहुंचा था। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट और कनखल सीओ मातृसदन पहुंचे और आश्रम में धारा 144 लगाए जाने की बात कही। इस पर स्वामी शिवानंद भड़क गए और आश्रम में धारा 144 लगाना नियमों के विरुद्ध बताया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वामी शिवानंद से सानंद को ले जाने की अनुमति मांगी। सिटी मजिस्ट्रेट के आग्रह को स्वामी शिवानंद मान गए। मगर स्वामी सानंद ने जाने से इनकार कर दिया था। इसपर सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल ने जबरन स्वामी सानंद को उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया था।

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