प्रमाण पत्र के साथ गोल्ड, सिल्वर व काॅपर द्वारा बनाई गयी साड़ियां एक्सपो में उपलब्ध

 देहरादून: उत्तराखण्ड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद उद्योग निदेशालय, देहरादून एवं प्रायोजक विकास आयुक्त (हथकरघा) भारत सरकार द्वारा नेशनल हैण्डलूम एक्सपो को दिन-प्रतिदिन देहरादून वासियों का अच्छा रूझान देखने को मिल रहा है। यह प्रदर्शनी 13 जनवरी तक चलेगी।

सिल्क साड़ी पहने वाली महिलाओं के लिए तमिलनाडू से गणेश सिल्क उद्योग नेशनल हैण्डलूम एक्सपो में लेकर आया है शुद्ध सिल्क की साड़ियां। नेशनल हैण्डलूम एक्सपो के त्रिशूल पवेलियन में तमिलनाडू का स्टाॅल लगा है । जहां दून की महिलओं को एकदम शुद्ध सिल्क की साड़ियां मिलेंगी। गणेश सिल्क उद्योग के सोमन करमाकर ने बताया कि हमारे पास छः हजार से लेकर ढ़ाई लाख तक की साड़ियां उपलब्ध हैं । अभी हमने इस एक्सपो में छः लाख की कीमत वाली साड़ी भी बेची है। तमिलनाडू के स्टाॅल में कांजीवरम, सिल्क, मायसी सिल्क, ट्रेडिशनल कांजीवरम व टैम्पल बार्डर की साड़ियां उपलब्ध है।

सोमन करमाकर ने बताया कि हमारे पास शुद्ध कांजीवरम की ढ़ाई लाख की साड़ियां उपलब्ध है जिसको हम प्रमाणित प्रमाण पत्र के साथ देते हैं । जिसमें बताया गया है कि साड़ी में गोल्ड, सिल्वर व काॅपर का कितना-कितना प्रतिशत काम किया गया है। सोमन करमाकर ने कहा कि हम उत्तराखण्ड में 2005 से नेशनल हैण्डलूम एक्सपो के लिए आ रहे हैं देहरादूनवासियों का प्यार ही है। जो हमें यहां खीच लाता है । उन्होंने बताया कि यहां की महिलाओं को सिल्क की अच्छी जानकारी है इसलिए देहरादून में हमारी अच्छी सेल हो जाती है । अभी तक हमने इस एक्सपो में पचास लाख की सेल की है । और एक्सपो के खत्म होने तक हमारा लक्ष्य एक करोड़ रूपये का है उन्होंने साथ ही यह भी बताया कि हम इस एक्सपो में 5 करोड़ का सामान लेकर आये थे।

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